
तिरुवनंतपुरम : केरल सरकार ने महिलाओं के लिए शुरू की गई मुफ्त बस यात्रा योजना के दुरुपयोग पर सख्त रुख अपनाया है। राज्य के परिवहन मंत्री सी. पी. जॉन ने केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) के कर्मचारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि कोई बस कंडक्टर महिलाओं के लिए आरक्षित ‘जीरो वैल्यू टिकट’ (Zero Ticket) पुरुष यात्रियों को जारी करता पाया गया, तो उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर सेवा से बर्खास्त भी कर दिया जाएगा।
केएसआरटीसी ने हाल ही में साधारण श्रेणी (Ordinary Buses) की बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा शुरू की है।
कैसे सामने आई योजना में गड़बड़ी?
हाल ही में परिवहन विभाग को मिली विभिन्न रिपोर्टों और शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि कुछ बसों के कंडक्टर/परिचालक महिलाओं के लिए निर्धारित ‘जीरो वैल्यू टिकट’ पुरुष यात्रियों को बांट रहे थे, ताकि कागजों में महिला यात्रियों की संख्या अधिक दिखाई जा सके या सरकारी सब्सिडी का गलत फायदा उठाया जा सके।
इस गड़बड़ी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए परिवहन मंत्री सी. पी. जॉन ने कहा:
योजना की शुरुआत में नई व्यवस्था होने के कारण गलतियों को सुधारने का अवसर दिया गया था, लेकिन अब इस तरह की अनियमितता को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह योजना केएसआरटीसी की नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की योजना है।
महिला यात्रियों की संख्या में 80% का इजाफा
मंत्री सी. पी. जॉन ने स्पष्ट किया कि केएसआरटीसी के 99 प्रतिशत से अधिक कर्मचारी पूरी ईमानदारी से इस योजना को लागू कर रहे हैं। योजना शुरू होने के बाद से बसों में महिला यात्रियों की संख्या में 80 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
बसों में यात्रियों की बढ़ती भीड़ पर उन्होंने कहा कि सुरक्षा से कोई समझौता किए बिना चालकों और परिचालकों को सावधानीपूर्वक सेवाएं संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।
ओणम और सबरीमाला सीजन के लिए लीज पर ली जाएंगी निजी बसें
त्योहारी सीजन में बसों की कमी को दूर करने के लिए केएसआरटीसी ने बड़ा फैसला लिया है:
- निजी बसों को लीज पर लेने की योजना: ओणम और आगामी सबरीमाला यात्रा के दौरान बढ़ने वाली यात्रियों की भीड़ को संभालने के लिए निजी बसों को किराए/लीज पर लिया जाएगा।
- निजीकरण की खबरों का खंडन: परिवहन मंत्री ने स्पष्ट किया कि निजी बसों को लीज पर लेने का फैसला KSRTC के निजीकरण की दिशा में कोई कदम नहीं है, बल्कि यह केवल त्योहारों के दौरान बसों की अस्थायी कमी को पूरा करने की व्यवस्था है।
- रोजाना आय का भुगतान: उन्होंने निजी बस मालिकों से अपनी बसें देने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि प्रतिदिन की पूरी टिकट आय उन्हें हस्तांतरित कर दी जाएगी।